Prasar Bharati

“India’s Public Service Broadcaster”

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Wednesday, November 14, 2018

श्रद्धांजलि : थम गई चंपा बहन की आवाज, आकाशवाणी भागलपुर में शोक - AIR Bhagalpur announcer Santwna Sah expires



आरु सब्भै क चम्पा के नमस्कार...' के साथ आकाशवाणी भागलपुर से प्रतिदिन प्रसारित ग्रामजगत खेती गृहस्थी कार्यक्रम का आगाज करने वाली चंपा बहन अलविदा हो गईं। अब आकाशवाणी से उनकी मधुरआवाज सुनने को नहीं मिलेगी। ग्रामजगत खेती गृहस्थी कार्यक्रम में विरजू भाई और चंपा बहन की जोड़ी श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय थी। हर तबके के लोग इन दोनों को सुनने के लिए रेडियो पर जमे रहते थे। विरजू भाई यानी डॉ. विजय कुमार मिश्र और चंपा बहन यानी सांत्वना साह। सांत्वना साह ने गुरुवार को बेंगलुरू के निजी अस्पताल में आखिरी सांस लीं। निधन की सूचना मिलने पर आकाशवाणी भागलपुर सहित शहर के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, नाटककारों, कवि सहित आम लोग मर्माहत हैं। रेडियो के श्रोताओं ने जैसे ही यह खबर सुनी सभी हतप्रभ रह गए।

आकाशवाणी भागलपुर में सांत्वना साह 13 दिसंबर 1990 से कार्यरत थीं। हिन्दी के उद्घोषक कम्पीयर के नाते उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। वे आकाशवाणी में ग्रामजगत के अलावा अंग दर्पण, गूंजे बिहार कार्यक्रम भी करतीं थीं। पिछले कुछ समय से वह बीमार थीं। आकाशवाणी से उनका अंतिम कार्यक्रम ग्रामजगत में 9 अप्रैल को हुआ था। सांत्वना साह अप्रैल 2019 में सेवानिवृत होने वाली थीं।

अप्रैल माह से थीं बीमार
10 अप्रैल को सांत्वना साह कोलकाता के एक स्वास्थ्य शिविर में भाग लेने जा रहीं थीं। अपने भतीजे प्रणवीर के साथ ट्रेन पर जाने के क्रम में ही वह काफी बीमार हो गईं। वह पिछले कुछ माह से यादास्त खोने की बीमारी से जूझ रहीं थीं। बीच रास्ते में ट्रेन से उतरकर सांत्वना साह दूसरे डिब्बे में चलीं गईं। इसकी सूचना प्रणवीर ने सांत्वना साह के दोनों पुत्रों को दी। सांत्वना साह के पुत्र सलील ने अपनी मां को कोलकाता से बेंगलुरू लाने को कहा। सांत्वना के दोनों पुत्र सलील और सौरभ बेंगलुरू में कार्यरत हैं। इस बीच सलील कोलकाता आए आ गए और उन्होंने प्रणवीर के साथ अपनी मां को बेंगलुरू ले गए। दोनों पुत्रों ने अपनी मां को वहीं अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सक ने माथे पर ट्यूमर होने की बात कही। ट्यूमर ने कैंसर का रूप ले लिया था। जो चौथे स्टेज में पहुंच गया था।

इसके बाद वहीं अपोलो में उन्हें भर्ती कराया गया। जहां कैंसर सहित ट्यूमर का इलाज किया जा रहा था। वहां उन्हें चार कीमोथेरेपी कराया गया। पांचवां और आखिरी कीमोथेरेपी दिसंबर में होना था। लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत बेंगलुरू में अस्पताल में हो गया। यहां बता दें कि आकाशवाणी भागलपुर में कार्य के दौरान ही उन्हें यादास्त खोने की बीमारी होने लगी थी।

लेखिका, कवयित्री, नाटककार और निर्देशक थीं सांत्वना साह
सांत्वना साह बहुमुखी प्रतिभा की धनी थीं। उनकी रचित दो पुस्तकें प्रकाशित हुई है। उन्होंने बच्चों के लिए कविता की भी पुस्तक लिखी। वे आकाशवाणी भागलपुर की वरीय नाटककार और लोकगीत गायिका भी थी। लोकगीत रचना करने के अलावा उन्होंने कई कविताएं भी रचीं। रेडियो से प्रसारित होने वाले कई नाटकों के मुख्य पात्र की भूमिका भी उन्होंने निभाईं थीं, जिसे काफी प्रशंसा मिली थी। उन्होंने कई कार्यक्रमों के अलावा कई नाटकों और रूपकों के निर्देशन भी किए थे।

2017 में हो गया था पति का निधन
सांत्वना साह अपने पति शिव शंकर साह के साथ आकाशवाणी के क्वाटर में हीं लंबी अवधि से रहतीं थीं। वहीं से रोज आकाशवाणी आकर काम करतीं थी। उनके पति का निधन 2017 में हो गया। उनके निधन के बाद से ही सांत्वना जी सदमे में चलीं लगीं। आकाशवाणी भी कम आने लगीं। ज्यादातर अवकाश पर रहतीं थीं। उनके इस हाल को देखकर आकाशवाणी भागलपुर के वरीय उद्घोषक डॉ. विजय कुमार मिश्र ने उन्हें काफी समझाया। उन्हें काफी हिम्मत और साहस दी। आकाशवाणी आकर फिर से काम करने के लिए आग्रह किया। तब से वे पुन: आकाशवाणी आने लगीं। लेकिन अपने पति के निधन से बाद से ही वे बीमार होने लगीं थीं। सांत्वना के दोनों पुत्र सलील और सौरभ बेंगलुरू में कार्यरत हैं। उनका ससुराल मुंगेर जिले के असरगंज स्थित मकवा गांव में है। उनका मायके भागलपुर में ही है। मायके परिवार के लोग पटल बाबू रोड में रहते हैं। 

विरजू भाई ने कहा- हमने अपनी चंपा बहन को खो दिया 
सांत्वना साह के निधन से 27 वर्ष 4 माह तक एक साथ आकाशवाणी में काम करने वाले डॉ. विजय कुमार मिश्र काफी मर्माहत हैं। डॉ. विजय ने कहा कि हमने अपनी बहन को खो दिया है। हम लोग जब कार्यक्रम के बाहर भी रहते थे, तो वे मुझे विरजू भाई और हम उन्हें चंपा बहन के नाम से ही पुकारते थे। श्री मिश्र ने कहा कि इतने दिनों का साथ टूटना असहनीय जैसा प्रतीत हो रहा है। आकाशवाणी उनके योगदान को हमेशा याद रखेगी। उन्हें मधुर और कर्णप्रिय आवाज से कार्यक्रम खिल जाता था। कार्यक्रम की प्रस्तुति के लिए उनकी मांग की जाती थी। वे अंगिका और हिन्दी की अच्छी जानकार थीं। अंगिका का उच्चारण इस अंदाज में करतीं थी कि जैसे खुद ग्रामीण परिवेश में रहीं हों। अंग्रेजी भाषा में भी उनकी अच्छी पकड़ थी। एक आदर्श, अनूठा और अद्वितीय व्यक्तित्व का अाज अंत हो गया। उन्होंने सांत्वना साह के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया। यहां बता दें कि आकाशवाणी में विरजू भाई और चंपा बहन की उपस्थिति से वहां गौरवपूर्ण वातावरण का निर्माण हो जाता था। 

आकाशवाणी में हुई शोकसभा
सांत्वना साह के निधन पर आकाशवाणी भागलपुर में शोकसभा आयोजित की गई। इस अवसर पर आकाशवाणी परिवार के सभी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। सभी ने उनके निधन को आकाशवाणी के लिए काफी क्षति बताया। इस अवसर पर आकाशवाणी के उपनिदेशक अभियंत्रण ब्रजेश कुमार, आकाशवाणी भागलपुर के वरीय उद्घोषक डॉ. विजय कुमार मिश्र, कार्यक्रम अधिशासी मनीष ठाकुर, सचिन कुमार, अमित कुमार, लेखापाल गिरेन्द्र कुमार, पुस्तकाध्यक्ष ब्रह्मदेव मंडल, अभियंत्रण विभाग के पवन वर्मा, गिरिश रविदास, ज्ञानानंद तिवारी, प्रसारण अधिशासी सौरभ कुमार, मो. सरसा के अलावा लेखा विभाग के प्रकाश झा, जितेन्द्र, एसडी गुप्ता आदि मौजूद थे।

गीतकार राजकुमार ने दी श्रद्धांजलि 
शोक व्यक्त करते हुए गीतकार राजकुमार ने कहा कि अंगिका में अपनी अलग पहचान रखने वाली कवयित्री सांत्वना साह और आकाशवाणी भागलपुर की चम्पा बहन जो डॉ.विजय कु.मिश्र 'बिरजू भाय' के साथ समर्पित भाव से अंगिका के लालित्य को चतुर्दिक फैलाने वाली का अचानक चला जाना अंग के लिए अपूरणीय क्षति है। ऐसी सौम्य विदूषी कवयित्री को मैं नमित आँखों से अपनी विनम्र श्रद्धांजलि निवेदित करता हूँ। ईश्वर उनकी विदेही आत्मा को शांति प्रदान करेे।

शोक जताया : सांत्वना साह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए स्नात्कोत्तर हिन्दी विभाग के प्रो डॉ बहादूर मिश्र और बिहार अंगिका अकादमी के अध्यक्ष डॉ लखन लाल सिंह आरोही ने कहा कि अंगिका और हिन्दी सहित्य की सुधि रचनाकार थीं सांत्वना साह। उन्होंने अंगिका के उत्थान और प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके आकस्मिक निधन से हिन्दी और अंगिका साहित्य को व्यापक क्षति हुई है। इनके अलावा डा. तपेश्वर नाथ, डा. राजेन्द्र पंजियार, डा. अमरेन्द्र, कथाकार रंजन, बाबा दिनेश तपन, रामावतार राही, रथेन्द्र विष्णु नन्हें, माधवी चौधरी, महेन्द्र मयंक, अभय भारती, मनोज मिश्र, अमोद कुमार मिश्र, चंद्रकांत पाठक, सत्यनारायण प्रकाश, सुगम कुमार, डॉ मीरा झा, भगवान प्रलय, डॉ मथुरा दूबे, प्यारे हिन्द आदि ने शोक व्यक्त किया है। 

शुक्रवार को होगा दाह संस्कार
उनके पुत्र सलिल ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर गुरुवार की देर रात भागलपुर लाया जाएगा। आकाशवाणी भागलपुर के क्वाटर में स्थित सरकारी आवास में उनके पार्थिव शरीर रखा जाएगा। सांत्वना साह यहीं रहतीं थीं। शुक्रवार को उनका दाहसंस्कार सुल्तानगंज घाट पर दो बजे किया जाएगा। 

Contributed By : Jhavendra Kumar Dhruw, Ahinsa Radio Shrota Sangh, Raipur (C. G.) mo: 09826168122
Source & Credit : https://m.jagran.com/lite/bihar/bhagalpur-air-bhagalpur-announcer-santwna-sah-died-18617254.html

Our Bright Children : Mithi D/o Pravat Ranjan Acharya, DDK, Bhubhaneswar wins all odisha higher secondary school games for badminton



Mithi daughter of Shri Pravat Ranjan Acharya, Doordarshan Kendra, Bhubhaneswar has won all odisha higher secondary school games for badminton played at NALCO, Damanjodi and selected for National school games to be played at Pune....


Choicest best wishes from PB Parivar
Any PB parivar member can mail such positive stories about their kids or children of other PB Parivar members at pbparivar@gmail.com for possible publication in PB Parivar Blog www.airddfamily.blogspot.in 

लोक सेवा प्रसारण दिवस के अवसर पर आकाशवाणी दिल्‍ली में गरिमापूर्ण समारोह का आयोजन





12 नवम्बर को देश भर में लोक सेवा प्रसारण दिवस मनाया गया। इसी दिन अर्थात 12 नवंबर 1947 को महात्मा गांधी आकाशवाणी के स्टूडियो आये थे। इस दिन को तत्कालीन जनसंचार जगत ने एक अभूतपूर्व आयाम बताया और इसी पुनीत स्मृति को समस्त देश में याद किया जाता है।

लोक सेवा प्रसारण दिवस के अवसर पर आकाशवाणी दिल्‍ली में गरिमापूर्ण समारोह का आयोजन। इस अवसर पर प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी CEO श्री शशि शेखर वेम्पत्ति और आकाशवाणी के महानिदेशक श्री फय्याज शहरयार की उपस्थिति में संगीतमय कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम के आयोजन में आकाशवाणी ओर जन प्रसार की सहभागिता रही। कई विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने भी मधुर गान से सभी श्रोताओं को हर्षित किया।

Source  :  Akashvani Delhi

विविध भारती की उद्घो्षिका ममता सिंह का पहला कहानी संग्रह प्रकाशित


विविध भारती की लोकप्रिय उद्घोषिका रेडियोसखी ममता सिंह का पहला कहानी संग्रह ‘राग मारवा’ इस महीने प्रकाशित हो चुका है। विदित हो कि ममता सिंह का शुमार हिंदी की युवा पीढी के प्रतिभाशाली कथाकारों में होता है। उनकी कहानियां देश की तमाम प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती हैं। 

पिछले दिनों आकाशवाणी की सर्वश्रेष्‍ठ उद्घोषिका का राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार भी ममता सिंह को दिये जाने का ऐलान किया गया था। पहली पुस्‍तक के प्रकाशन पर ममता को प्रसार भारती परिवार की ओर से बधाईयां।

राग मारवा में दस लंबी कहानियाँ शामिल हैं। सभी में समाज में तेजी से आ रहे बदलाव, चाहे अच्छे हों या बुरे, को कुछ सीधे और कुछ साफ़ स्वर में कहा है। उनकी कहानी विशेषकर ‘आखिरी कांट्रैक्ट’ हमारे देश में असहिष्णुता और फैलती दहशत को मार्मिक ढंग से बयां करती है। साहित्य जगत में ममता सिंह पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से बेहद परिचित नाम है। वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए., प्रयाग संगीत समिति से “शास्त्रीय संगीत में प्रभाकर” और रूसी भाषा में डिप्लोमा प्राप्त हैं। वर्तमान में विविध भारती, मुम्बई में उद्घोषिका हैं। श्रोताओं के बीच ‘रेडियो सखी’ के नाम से लोकप्रिय हैं तथा ‘छायागीत’ और ‘सखी सहेली’ कार्यक्रम का संचालन करती हैं।

Source : Rajpal & sons Publications, New Delhi

Inspiration - Mangesh Survase, the runaway barber who now earns Rs 40 lakh a year.

 

Hailing from Barshi a small town in Maharashtra, Mangesh comes from a modest family of barbers and was expected to continue in that very line. Spirited, ambitious and adamant, it was only for Mangesh’s undying desire to make something big for himself, that made him turn an INR 600 saving per day job to that of INR 40 lakh.

He left his home at the age of 27 and worked in Pune as errand boy in his uncle’s barber shop. While scrubbing floors and washing clothes he picked up basic techniques of hair cutting by observing the owner. This sparked an interest in him and he decided to get some formal training in the same business. With INR 15,000 savings in his pocket he moved to Mumbai, where he learnt hair cutting techniques at Javed Habib’s Hair Salon Academy, where he excelled a 3month program in just a year and a half. His passion did not go unnoticed. Not only was he absorbed into the academy for a full-time job, he was selected for Tony & Guy’s Singapore based advanced hair-dressing program, effectively clocking 7 years in the industry. It was then that he realized that this industry can also have a dignified life.
This sparked the entrepreneurial streak in him. With some of his own savings and a loan from BYST Pune, Mangesh was able to start a salon with his own brand and started his enterprise “Mangeshaz Unisex Salon and Academy”. This now has branches in Pune and Bhopal with 5 salons and academies.

The company has scaled up operations employing the franchise model, employing 210 people directly and indirectly. His academy provides scientific and systematic training to the aspirants wishing to pursue a career in cosmetology. So far, the academy has enabled hundreds of students to succeed in the profession of cosmetology and become successful entrepreneurs and professionals. 1200 people have been trained at his academy, out of which nearly a 1000 have got jobs, and 200 have started their own salons. He also sends his staff to Mumbai to attend workshops to enhance their skills.

He has collaborated with the US brand Santhi’s for his hair studio and is planning to open one branch in the US by 2019. A staunch believer in re-paying society, he organizes many free training sessions for haircuts and hair treatment for orphaned teenagers in Barshi, to make them self-reliant. He also organizes complimentary seminars on hair cutting for women as he wishes to empower the community. He also shares his experience on various forums to potential entrepreneurs and motivates them to start their own business.
Source and Credit https://www.bystonline.org/resources/success-stories

Tuesday, November 13, 2018

AIR Hyderabad holds Walkathon to mark Public Service Broadcasting Day


Braving the early morning chill, nearly 125 health enthusiasts, including present and former employees of All India Radio, Hyderabad, participated in a ‘Walkathon’ at People’s Plaza, Necklace Road, on Monday, a press release said.

According to officials from AIR, Hyderabad, November 12 is marked as the Public Service Broadcasting Day to commemorate the maiden visit of Father of Nation Mahatma Gandhi to All India Radio studios, Delhi, to address the refugees of partition in 1947.

The Station Director, AIR Hyderabad, Udaya Sankar, said AIR was following the philosophy of public service for the past eight decades and was working towards preserving, promoting and thereby, protecting Indian culture, its music, literature and drama. “We are serving public with value-based content in 23 languages in the country and with 7 languages in Hyderabad,” he said.

Contributed By : Jhavendra Kumar Dhruw, Ahinsa Radio Shrota Sangh, Raipur (C.G.)
                              mob: 09826168122
Email : jhavendra.dhruw@gmail.com

Inspiration - Pune woman to cycle to Kanyakumari to ring in her 70 birthday

 
  Nirupama Bhave is all set to celebrate her birthday in style.

She hardly gives you the impression of a strict Math professor. She is lean with a few wisps of greys and armed with an infectious smile. A few days shy of 70, She will be cycling 1,600 km from Pune to Kanyakumari. Unbelievable? Not quite. A retired professor (Head of Mathematics from Savitribai Phule Pune University), she started cycling at the age of 50. Believing firmly in the mantra that one must "keep moving" in life, Bhave's first cycling expedition was at the age of 55 where she cycled from Wagah border to Agra. And at 69, she went on an expedition to the Everest base camp. I have undergone rigorous training," she is quick to add.

  "I was always an adventurous person. After my son cleared his HSC exams, I took him to Kolhapur on a bike," she adds. Preparation is underway for Bhave for her Kanyakumari trip. She reveals, "I cycle over 100 km on weekends. I will be cycling for 15 days, and have to achieve the target of covering 40 kms in two hours."

Her everyday workout includes abdominal exercises for 45 minutes, and 108 Suryanamaskars in the morning. "I take care of myself and I believe that it is wonderful to be fit and in good shape and health," she adds.

Her diet during the trip will comprise of milk in the morning, and after cycling for an hour, she will have breakfast which will include dates, raisins and boiled eggs. "For now, I have taken up climbing the tekdis nearby, and walking as much as I can. I even run for 10 kms whenever there is a marathon," she says.

An exclusive evening of delactable music by AIR Mumbai


All India Radio Mumbai will present an exclusive evening of delactable music by the sentinels of the seas(An Indian Navy Band ) on wednesday 14-11-18 from 5pm to 6 pm at AIR Auditorium , Churchgate

Source:-Aakashwani Mumbai facebook account

Monday, November 12, 2018

Ithayangalin Sangamam Chennai - Retired DDK Employees family group meet - 3rd November 2018



Chennai DDK started in August 1975 and it had many employees working in different categories and status as a family members. Though there used to be difference of opinions and egoistics problems all of us were together and even after retirements the 43 years of bonding friendship continued and the Friends of DDK as a family group we meet once in a while with a gap of 3 or 4 months and share our nostalgic memories. On 3rd November, 2018 such a meet was organised at YOUTH Hostel, Indhiranagar, Chennai. Amidst heavy rains which started in morning as a threat to organising team people slowly started coming and it was a heavy arrival of members with a bright sunshine which cleared up the rainy clouds. 

Before starting the event the members paid a Silent tribute to our old colleagues who had left us recently. Mr.Nallathambi, Senior most member of our group addressed the gathering and read out the tribute message for the following. They are Prince Jaisingh ASD, James Durairaj Engg dept. Who used to be in telecine, Prasad Sarva sound Recordist, TV Rajah @Basha Admin side, Prasanna kumari from Admin side. After that people shared nostalgic memories and photo sessions were held and events ended with a tasty homely food organised by the team. An event managed and organised by our team members coming from four directions me from Sriperambadhur, Shanmughanathan from Oorappakkam, Prem from Valasaravakkam, Sudhakar from Ashok nagar. It was a dedicated service for friends to Unite and share and enjoy their memories. I thank all friends who made it a point to attend even with all rains and shines. It was a great event which had energised all old people with Young thoughts in the Youth Hostel for the old friends. .முதுமையில் இளமை வழங்கியது இளைஞர் விடுதி் அனவருக்கும் நன்றி. Organizing team members : Shanmuganathan, Sudhakar , Prem Solomon and Mohan P Rao. 

Source : Mohan PRao

Inspiration - Anand Arnold, India’s first Professional Wheelchair Bodybuilder .

Despite being paralysed due to cancer at 15, never surrendered.

Even as a child he fantasized being a Bodybuilder. Anand loved taking care of his body, eating well and doing regular exercises. Inspirational stories of bodybuilders made him start training at 13. Long hour rigorous workouts, discipline, eating right, he tasted his first victory in a competition. “Dream Big” was his motto then, and his ultimate goal was to hear the national anthem at the Olympics.

Barely a year into the profession, at 15, he was diagnosed with cancer in his lower spinal chord and he knew that it was the end to all his dreams. To save his life, doctors had no choice but conduct a surgery, where he would be paralyzed from the neck down with a faint mobility in his hands.

In his 20s, feeling weak and feeble with therapies and treatments, he was determined to give it a try at the gym and start training. Unbelievable !!! it was truly a miracle when he was able to train his upper body sitting in a wheelchair. He was ecstatic and this is what that something better in store was and claims that it was his BEST DAY ever and will always remember.

With absolute passion and incredible determination, Arnold in 2014 became India’s First Wheelchair Bodybuilder. By 2017 he had a bag full of medals tallying up to 30 which include 3 Mr. India Titles and 271 others. He has been honoured by the superstar Salman Khan and he has played a lead role in a Telegu Film “Supreme”. He was at the India’s got Talent show and is also a Brand Ambassador for IMC.

He Concludes By Saying: “To Succeed, Turn Your Weakness Into Your Strength” !!
Believe In Your God And He Will Provide.

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