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Friday, April 15, 2016

आकाशवाणी भोपाल द्वारा ‘‘सिंहस्थ, 2016’’ पर केन्द्रित रेडियो श्रृंखला‘‘अमृत घट बरसे’’ की पांचवी एवं छठवीं कड़ी का प्रसारण

आकाशवाणी भोपाल द्वारा ‘‘सिंहस्थ, 2016’’ पर केन्द्रित रेडियो श्रृंखला‘‘अमृत घट बरसे’’ की पांचवी एवं छठवीं कड़ी का प्रसारण क्रमशः आगामी 16 अप्रैल(शनिवार) व 18 अप्रैल, 2016(सोमवार) को प्रातः किया जायेगा ।
आकाशवाणी भोपाल द्वारा ‘‘सिंहस्थ, 2016’’ पर केन्द्रित कार्यक्रमों की कड़ी में प्रसारित होने वाली , रेडियो श्रृंखला ‘‘अमृत घट बरसे” की पांचवी कड़ी का प्रसारण अगामी 16 अप्रैल 2016(शनिवार) को तथा छठवीं कड़ी का प्रसारण अगामी 18 अप्रैल 2016 (सोमवार) को, प्रातः 08.30 बजे से प्रातः 08.45 बजे तक किया जाएगा।
‘‘अमृत घट बरसे’’ की पांचवीं कड़ी ‘‘महाकालेश्वर’’ तथा छठवीं कड़ी ‘‘क्षिप्रा का पौराणिक महत्व’’ विषय पर केन्द्रित होगी। इस कार्यक्रम को मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य स्थित समस्त आकाशवाणी केन्द्र अनुप्रसारित (रिले) करेंगे।
इन कडि़यों कोे, मध्यप्रदेश स्थित विविध भारती केन्द्र ( भोपाल, इन्दौर व जबलपुर विविध भारती) भी प्रसारित करेंगे तथा विविध भारती केन्द्रों द्वारा ‘‘अमृत घट बरसे’’ की पांचवीं कड़ी का प्रसारण आगामी 16 अप्रैल 2016(शनिवार) को तथा छठवीं कड़ी का प्रसारण आगामी 18 अप्रैल 2016 (सोमवार) को, प्रातः 09.15 बजे से प्रातः 09.30 बजे तक किया जाएगा।
प्राचीन उज्जयिनी कालगणना का केन्द्र रही है। यहां शून्य अक्षांश से होकर जाने वाली रेखा, कर्क रेखा को काटती है इसलिए यहां से सटीक काल गणना की जाती है। यह दोनों रेखाएं जिस स्थान पर मिलती है, वहीं महाकालेश्वर का स्थान है। महाकाल, काल से परे हैं, जिन्हें नित्य वर्तमान भी कहा जा सकता है। लिंग के विग्रह में अवस्थित महाकाल की विस्तृत चर्चा का समावेश हमारी इस श्रृंखला की पांचवीं कड़ी में शामिल है।
यहां यह उल्लेख करना समीचीन है कि, क्षिप्रा के संबंध में अनेक पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं, जनश्रुतियों और पौराणिक आख्यानों में इस पुण्य सलिला को, मोक्षदायिनी माना गया है तथा काशी-विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (बनारस), श्री कृष्ण की नगरी वृन्दावन तथा महाकाल की नगरी उज्जैन जो पुरातन समय में उज्जयिनी नगरी के नाम से विख्यात थी, को भी मोक्षदायिनी नगरी कहा माना जाता है। इस पावन नगरी से जुड़ी पवित्र क्षिप्रा नदी से जुड़ी कई मान्यताओं, परंपराओं तथा इससे जुड़े मिथकों के बारे में, ‘‘अमृत घट बरसे’’ की छठवीं कड़ी में विस्तृत चर्चा का समावेश किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व आकाशवाणी भोपाल द्वारा ‘‘अमृत घट बरस’’ की पूर्व में चार कडि़यों का प्रसारण किया जा चुका है। जो क्रमशः ‘‘आध्यात्म’’ तथा ‘‘काल की अवधारणा’’ ,‘‘काल की भारतीय अवधारणा’’ तथा ‘‘कालगणना का केन्द्र उज्जयिनी’’ विषय पर केन्द्रित थीं। इन चारों ही कडि़यों को श्रोताओं ने काफी सराहा है। ‘‘अमृत घट बरसे’’ श्रृंखला में  सिंहस्थ के वैचारिक, दार्शनिक तथा आध्यात्मिक पहलुओं के साथ-साथ, उज्जयिनी नगरी की पुरातन परंपराओं तथा इसकी संस्कृति के विविध पक्षों का समावेश किया गया है।
इस रेडियो श्रृंखला ‘‘अमृत घट बरसे’’ के सभी 13 एपीसोड (कडि़यों) का प्रायोजन मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड, भोपाल, द्वारा किया जा रहा है।
‘‘अमृत घट बरसे’’ रेडियो श्रृंखला की यह कडि़यां आकाशवाणी भोपाल के केन्द्र निदेशक श्री अनवार अहमद खान की परिकल्पना और संयोजन में तैयार की जा रही है।
इन कडि़यों के प्रस्तुतकर्ता आकाशवाणी भोपाल के कार्यक्रम अधिकारी श्री राकेश ढौंडियाल हैं, जबकि इनकी सह-प्रस्तुति आकाशवाणी भोपाल के वरिष्ठ उद्घोषक डाॅ. अरविन्द सोनी की है।
योगदान : राजीव श्रीवास्तव, ब्लॉग रिपोर्ट-प्रवीण नागदिवे

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