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Thursday, May 31, 2018

AIR रायपुर केंद्र में उपनिदेशक - श्रीमती मोक्षदा (ममता) चंद्राकर जी 31 मई को सेवानिवृत्त !



छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक गायिका और आकाशवाणी रायपुर केंद्र में उप-निदेशक (कार्यक्रम) के पद पर कार्यरत श्रीमती मोक्षदा (ममता) चंद्राकर जी आज 31 मई को सेवानिवृत्त हो गई | आप विदित हो कि श्रीमती चंद्राकर जी आकाशवाणी में अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1982 में बतौर कार्यक्रम अधिकारी के रूप में आकाशवाणी से जुड़ी |

इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से 'कंठ संगीत' यानी व्हीकल म्यूजिकल में एमए की है |

छत्तीसगढ़ी के लोकगीतों को अपनी स्वर देने वाली विदुषी ममता चंद्राकर जी को वर्ष 2016 में पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया | यह कला के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नौंवी पुरस्कार था |

छत्तीसगढ़ की स्वर कोकिला अपनी बेमिसाल आवाज़, और छत्तीसगढ़ की लोक कला को देश और दुनिया मे पहचान दी | विदुषी ममता चन्द्राकर जी छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्देशक श्री प्रेम चंद्राकर की जीवनसंगिनी है | प्रेम जी का साथ उनको नई नई उच्चाईयो की ओर अग्रसर करता रहा |

श्रीमती चंद्राकर जी दुर्गे के लोक कला मर्मज्ञ दाऊ महासिंह चंद्राकर जी की बेटी है | उन्होंने अपने निर्देशन में 'सोनहा बिहान' जैसे लोक कला मंच को प्रस्तुत किया था |

आकाशवाणी मैं सेवाकाल के दौरान वह आकाशवाणी को एक नई ऊंचाइयां दी तथा लोकप्रिय कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ के रेडियो श्रोताओं को रेडियो से जोड़े रखने में अहम कड़ी साबित हुई | ....

2 comments:

  1. बधाई ....हार्दिक शुभकामनाएं........हमारी बिरादरी में आपका स्वागत......

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  2. मैं तो सौभाग्य से ही ममता चन्द्राकर जी के साथ आकाशवाणी रायपुर मध्यप्रदेश से आकाशवाणी सेवा की शुरुआत करने पहुंचा छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत ममता जी के जीवन का एक हिस्सा रहा हम भी श्रोता रहे पण्डवानी भरथरी आदि संगीत के कलाकार उनके संरक्षण में आगे बढ़ते गये ।भोपाल कार्य के दौरान दिल्ली में हमारी भेंट हुई शायद उसी दिन भोपाल छूट भी गया हम साथ उस बैठक में थे यादें बहुत नाम मोक्षदा सभी का कल्याण जीवन लक्ष्य रखा ।सकुशल सेवा निवृत्ति की बधाई

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