Prasar Bharati

“India’s Public Service Broadcaster”

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Wednesday, June 26, 2019

Foundation day celebration of AIR Rourkela


Glimpses of celebration of foundation day of AIR Rourkela on 24 june. 
contribution: Debashish Chakraborty
Email: debashishchakraborty98@gmail.com

आकाशवाणी, तृश्शूर में 25.06.2019 को एक दिवसी हिंदी कार्य़शाला का आयोजन किया गया।



आकाशवाणी, तृश्शूर में अप्रैल –जून, 2019 तिमाही के लिए दिनांक 25.06.2019 को एकदिवसी हिंदी कार्य़शाला का आयोजन किया गया ।

कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में आयोजित कार्यशाला में सहायक निदेशक (रा.भा) ने हिंदी कार्यशाला की आवश्यकता तथा अनिवार्यता के संबंध में प्रतिभागियों को अवगत कराया। कार्यालय के हिंदी अनुवादक श्रीमती.बिंदू दास ने क्लास चलाया। “बोल-चाल की भाषा हिंदी” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में कार्यालय प्रमुख श्री.प्रदीप.सी.कुमार और कार्यक्रम प्रमुख श्री.टी.टी.प्रभाकरन के साथ 6 अधिकारी तथा 11 कर्मचारियों ने भाग लिया ।

Contributed by:-  Shri. A E Vamanan Namboothiri cheppadvamanan@ gmail.com

सम्मेलन के माध्यम से दिया जल को संरक्षित कर जीवन सुरक्षित करने का संदेश


मीडिया एसोसिएशन एवं आकाशवाणी नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में जल की दशा एवं दिशा पर एक सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन संसद सदस्य क्लब नार्थ एवेन्यू नई दिल्ली में किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मा. सदस्य राष्ट्रीय महिला आयोग भारत सरकार चन्द्रमुखी देवी ने कहा कि पानी है तो संसार में चमक है, पानी है सम्पन्नता है, पानी है तो खेतों में हरियाली है, और पानी है तो चारो ओर खुशिया ही खुशियां है। उन्होनंे कहा कि आज वास्तव में आवश्यकता है इस बात पर विचार और कार्य करने की कि यदि हम आज जल का संरक्षण नहीं करेंगे तो आने वाली पीढी के कितना और कैसा जल छोड़ेंगे। इस धरती की इस चमक और खुशियों को कैसे बरकार रखने के लिए सभी का जागरूक एवं अपनी सहभागिता से आगे आना होगा।

उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगो ने अपने घरों में आरओ वाॅटर सिंस्टम लगा रखा होगा लेकिन किसी ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि एक लीटर पानी को शुद्ध करने के लिए आरओ कितने लीटर पानी वेस्ट करता है। यदि हम जगरूक हो तो उस वेस्ट पानी को एकत्र कर उसे घर की साफ सफाई, कपड़े धोने एवं बर्तन साफ करने में उपयोग में ला सकते है।

प्रमुख अतिथि राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं सूचना स्त्रोत संस्थान के निदेशक डा0 मनोज कुमार पटैरिया ने बताया कि वर्तमान समस्या में पानी एक ज्वलन्त समस्या बन गयी है हम देखते है कि अस्पतालों में अधिकांश बीमारिया दूषित पानी पीने के कारण हो रही है, स्वच्छ पानी पीने से हम अनेकों बीमारियों से दूर रह सकते है। उन्हांने बताया कि आज वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद द्वारा पानी को पीने योग्य बनाने के लिए बेहतर प्रयास किये जा रहे है जिसमें सोलर प्रणाली द्वारा समुद्र के पानी को पीने योग्य बनाया जा रहा है।

प्रमुख अतिथि विशेष कार्य अधिकारी महानिदेशालय आकाशवाणी नई दिल्ली मा0 राजीव कुमार शुक्ल ने कहा कि पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति पानी से ही हुई, पृथ्वी पर 80 प्रतिशत पानी है, मनुष्य के शरीर मंे 60 प्रतिशत पानी है, हडिडयों में 32 प्रतिशत पानी है, खून में 72 प्रतिशत पानी है, लेकिन हम फिर भी इसकी उपयोगिता को समझ नहीं पा रहे है, बल्कि इसको दूषित और प्रदूषित करने में लगे है, जिससे आज सभी लोग विनाश के कगार पर आकर खड़े हो गये है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां पहाड़ है हरियाली है लेकिन सोचने की बात है कि पानी का संकट क्यों…. क्योकि पानी का दुरूपयोग हम उसके उपयोग से ज्यादा कर रहे है। आज सभी लोगो को चाहे वह शिक्षित हो या अशिक्षित जागरूक होेने की जरूरत है जिससे वह जल कांे संरक्षित कर भविष्य को सुरक्षित कर सके।

विशिष्ट अतिथि जल प्रौद्योगिकी केन्द्र के परियोजना निदेशक डा0 मान सिंह ने कहा कि धरती पर सबसे ज्यादा जल है परन्तु सबसे कम है पीने योग्य पानी। उन्होंने कहा कि हमें स्वीकारना होगा कि पानी की इस दशा के लिए हम ही जिम्मेदार है। आज हम जितना पानी भूमि से निकाल रहे है उतना रिचार्ज नहीं कर रहे है। आने वाले 10 वर्षों में पीने योग्य पानी की उपलब्धता और कम हो जायगी।

विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्या डा0 प्रियम्वदा तोमर ने कहा कि आज हमें पानी के उपयोग से उसके संरक्षण कार्यक्रम चलाने की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। हमें लोगो में जागरूकता लानी होगी तथा बताना होगा कि धरती पर जीवन के लिए जल का संरक्षण जरूरी है। हमारे किसानों को भी सिंचाई की नई नई प्रणाली का उपयोग करना होंगा जिससे कम पानी के साथ खेतों को सीचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग जागरूक होकर जल को संरक्षित करने की ठान लें और तालाबों को रिचार्ज करें तो निश्चित ही पानी की समस्या से सभी को निजात मिल सकेगी।

विशिष्ट अतिथि उर्दू अकादमी दिल्ली के उपाध्यक्ष प्रो0 शहपर रसूल ने कहा कि हमारे 50 प्रतिशत लोग पानी की महत्ता को नहीं समझते, अगर सभी इस समस्या को समझे तो पानी की इस समस्या का हल हो सकता है। उन्होंने कहा कि जल संकट सबसे बड़ा संकट है जो विनाश का कारण बन सकता हैं। देश में अधिकांश गांव डार्क जोन में आ चुके है। उन्होंने कहा कि आज औद्योगिकीकरण एवं शहरीकरण के साथ-साथ जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज की ओर ध्यान देने की परम आवश्यकता है।

विशिष्ट अतिथि प्रख्यात लेखक एवं सम्पादक एनबीटीआई मा0 पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि जल हमेशा जल रहेगा, जल न तो अपनी दशा बदल रहा है और न ही दिशा, बल्कि आदमी अपनी दशा और दिशा दोनो बदल रहा है जिसका परिणाम है कि आज सभी लोग जल जैसी समस्या से जूझ रहे है। उन्होंने कहा कि हमें जल के संरक्षण की फिक्र करनी चाहिए, हमें पहाड़ों के संरक्षण की भी फिक्र होनी चाहिए। क्योंकि दोनो का गहरा सम्बंध है। भूगर्भ दोहन भविष्य के लिए खतरनाक है इसके लिए सचेत रहना होगा तथा हमें सभी को अपने अपने सहयोग से जल को संरक्षित करना होगा।

विशिष्ट अतिथि जन संचार एवं मीडिया विशेषज्ञ मा0 इंदल सिह भदौरिया ने पानी की उपयोगिता को बताते हुए कहा कि पानी और समय का अपना विशेष सम्बंध है। उन्होंने कहा कि धरती पर संतुलन बनायें रखने को प्रकृति भी हमारा समय समय पर साथ देती है। पुराणों में भगवान राम ने भी समय को महत्व दिया था। उन्होंने कहा कि कवि घाघ ने भी अपनी रचनाओं में कहा कि है यदि वर्षा होने से पहले किसान खेतों में मेड़ तैयार कर लें तो वर्षा होने पर पानी उनमें रूक जाता है और वह खेंतों के लिए वरदान का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमें जल के संरक्षण पर कार्य हो रहा है पोखर में जल का संरक्षण होता था फिर उपयोग होता था। उन्होंने कहा कि जल है तो कल है।

विशिष्ट अतिथि राज्य सभा टीवी के सम्पादक अरविन्द सिंह ने कहा कि हमें अन्य देशों से प्रेरणा लेनी चहिए की जहां जल को सबसे अधिक महत्ता दी जाती है और उसके संरक्षण पर विशेष बल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हिंडन और काली नदी का पानी अत्यंत प्रदूषित है जिनकों शुद्ध बनाने के लिए अत्यंत जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमने पोखरों को नष्ट करके अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है क्योकि उनके माध्यम से जल बेहतर तौर पर संरक्षित होता था। उन्होंने कहा कि आज स्वंय को बचाने के लिए जल को संरक्षित करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर उल्लेखनीय योगदान के लिए नीलम मल्कानियां, गुरदीप सिंह लूथर, डा0 एस0के0 आर्य, नवोदित मंडल, फिरोज नक्वी, लता सागर आदि को स्मृति चिन्ह एवं शाॅल भेंट कर सम्मालित किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रताप सिंह भाटी, पदम सिंह वरूण, सुरेन्द्र कुमार गुप्ता, अनिल कुमार, सफदर अब्बास काजमी आदि का विशेष सहयोग रहा।
द्वारा अग्रेषित : झावेन्द्र कुमार ध्रुव ,jhavendra. dhruw@gmail.com

दत्ता प्रसाद जोग द्वारा हिंदी रूपांतरण को प्रकाशित करने का निर्णय


एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि दत्ता प्रसाद जोग द्वारा हिंदी रूपांतरण को प्रकाशित करने का निर्णय सोमवार को हुई एक बैठक में सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने लिया।

इस फैसले की जानकारी जावड़ेकर ने पत्रों के माध्यम से आयुष मंत्री श्रीपद नाइक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और गोवा के संस्कृति मंत्री गोविंद एस गौड़े को भी दी।

गीत रामायण का प्रसारण आकाशवाणी पुणे ने 1955-1956 में किया था। यह अपने बोल, संगीत एवं गायन के लिए प्रशंसित रहा था।

बयान में बताया गया कि जी डी माडगुलकर ने इसे लिखा और इसका संगीत सुधीर फडके ने दिया था। गीत रामायण को ‘मराठी सुगम संगीत का मील का पत्थर” और रामायण का “सबसे लोकप्रिय” मराठी संस्करण माना जाता है।

द्वारा अग्रेषित : झावेन्द्र कुमार ध्रुव ,jhavendra. dhruw@gmail.com

Inspiration - Never Give Up.,


I’m too old for yoga.
I’m too inflexible for yoga.
I’m too overweight for yoga.
I’m too [fill in the blank] for yoga.
Need a little inspiration to get you off your ass?

Watch the video. It will only take 4:55 minutes of your time, Even if this video doesn’t inspire you to give yoga a try, it can give you hope that just about anything you think might be unattainable in your life is possible if you just believe in yourself.

You might have already seen this video. It’s got over five million hits and is the personal yoga journey of Arthur Boorman, who for 15 years of his life was a disabled veteran of the Gulf War. He received his injuries as a paratrooper and was told by doctors that he would never walk on his own again without assistance.

For a while, Arthur gave up and turned to food to console him, bringing his weight up to 297 pounds.
Arthur happened to catch a video of former pro-wrestler Diamond Dallas Page (DDP) and decided to give DDP’s brand of yoga a try. He reached out to DDP as well and received personal encouragement from him while he went on his yoga journey.

Don’t give up, keep going, and know that anything is possible.
How many times do we all face personal challenges like this? They might not be as extreme as Arthur’s situation, but we all have projects that at first seem daunting. But if taken in small steps, with patience and a lot of self-love, eventually we can accomplish what initially seemed impossible.

Arthur fell many times, but he got back up. He continued to tell himself that “just because I can’t do it today doesn’t mean I can’t do it someday.” Over the course of one year, Arthur Boorman lost a total of 140 pounds, and more importantly, he was able to prove the doctors wrong. He is walking, practicing yoga, running, and sprinting without any assistance.

Never underestimate what you can accomplish when you believe in yourself.

Tuesday, June 25, 2019

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने डीडी फ्री डिश सेट टॉप बॉक्स वितरण की शुरूआत की


केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन तथा सूचना और प्रसारण मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास, प्रधानमंत्री कार्यालय; कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन; परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज जम्मू-कश्मीर राज्य के लिए विस्तृत पहलों की शुरुआत की। एसकेआईसीसी, श्रीनगर में आयोजित एक शानदार समारोह में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल श्री सत्य पाल मलिक और दोनों मंत्रियों ने अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में जम्मू-कश्मीर में दूरदर्शन के फ्री डिश सेट टॉप बॉक्स वितरित किए। इसके अलावा आधे घंटे के डोगरी कार्यक्रम और डीडी कशीर से न्यूज़ बुलेटिन और चैनल की सिग्नेचर ट्यून का शुभारंभ किया।

श्री प्रकाश जावड़ेकर ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीमावर्ती इलाकों में लोगों तक सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के संदेश का प्रसार करने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय विशेष रूप से दूरदर्शन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बुनियादी आवश्यकताओं के बाद, सूचना और मनोरंजन लोगों की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इन सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए लोगों तक पहुंचने के लिए सभी कदम उठा रही है।

आकाशवाणी की भूमिका की सराहना करते हुए, श्री जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ जैसे माध्यम के जरिये इस माध्यम की सेवाओं का बड़ी कुशलता के साथ उपयोग किया है जो अब बेहद लोकप्रिय हो चुका है। श्री जावड़ेकर ने कहा कि दूरदर्शन और आकाशवाणी की विश्वसनीयता है जो उनको कभी-कभी अफवाहों में बह जाने वाले अन्य चैनलों के मुकाबले अच्छी स्थिति में रखती है। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन विश्वास करने योग्य संस्था है।

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूरे देश के लोगों तक पहुंच बढ़ाने के लिए दूरदर्शन द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि डोगरी कार्यक्रम और समाचार बुलेटिन के शुभारंभ से लोगों में गर्व और एकजुटता की भावना आएगी। उन्होंने दूरदर्शन को एक ऐसा चैनल बताया, जो दिलों को जोड़ सकता है।

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल श्री सत्य पाल मलिक ने दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को निश्चित रूप से इस पहल से लाभ मिलेगा। इस क्षेत्र में शांति और समृद्धि लाने के लिए राज्य के युवाओं की समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी को समझाया कि वे आखिरी मील तक की जानकारी प्रदान करने के लिए सुदूरवर्ती इलाकों तक अपना प्रसार करें।

प्रसार भारती के अध्यक्ष डॉ. ए सूर्य प्रकाश ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए डीडी फ्री डिश डीटीएच की गुणवत्ता पर प्रकाश डाला और इसे सशक्तिकरण का साधन बताया। उन्होंने पूरे क्षेत्र में शांति और समृद्धि लाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

सूचना एवं प्रसारण सचिव, श्री अमित खरे, दूरदर्शन की महानिदेशक सुश्री सुप्रिया साहू, जम्मू और कश्मीर सरकार के मुख्य सचिव बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम और राज्य और केंद्र सरकार के अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

यह सेट टॉप बॉक्स नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा और दर्शक 100 चैनल मुफ्त में देख सकेंगे। डीडी कशीर पर समाचार बुलेटिन रोजाना शाम 6:00 बजे डिजिटल मोड पर प्रसारित किया जाएगा।सिग्नेचर ट्यून की रचना राहुल शर्मा ने की है। इसमें घाटी की भावना गूंजती है।

द्वारा अग्रेषित : झावेन्द्र कुमार ध्रुव, jhavendra . dhruw @gmail.com

Iconic photo of Sarojini Naidu during a radio broadcast 1930 by Keystone..


                                          

Sarojini Naidu, politican, writer suffragette India Portrait during a radio broadcast 1930 by Keystone..

She was so good in her poetry that she started getting called the nightingale of India by a lot of people and writers.

She was the first lady governor of the country as she got elected as the governor of Union provinces which is currently called UP. Her roots were so strong in politics that her daughter also joined the Quit India movement for the freedom fighters and later on went on to become the governor of West Bengal state of India.

She died at the age of 70 but did a lot of social work, poetry works and political works for the betterment of India. If her writings, she always wrote about children, nation and life-death subjects which were loved by a lot of people.

These were a few important points about the life of Nightingale of India. She was a great politician, a great writer and overall a great asset for India and that is why a lot of writers, politicians or social workers, still get inspired from her after studying about all the works that she did in her political as well as social life.

Contributed by:- Shri. Mitul Kansal kansalmitul@gmail.com.

Monday, June 24, 2019

Obituary:विद्या देशमुख , राजभाषा अधिकारी अतिरिक्त महानिदेशक (अ ) पश्चिमी क्षेत्र कार्यालय मुंबई , अब इस दुनियामे नहीं रही



विद्या देशमुख , राजभाषा अधिकारी अतिरिक्त महानिदेशक (अ ) पश्चिमी  क्षेत्र  कार्यालय मुंबई  में कार्यरत थी , उनका आज शाम ५ बजे एक निजी अस्पताल में निधन हुआ।  वे  ५८ साल की थी।  उनके पीछे एक पुत्री है।

 प्रसार भारती परिजन दुःख  की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैंं कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें !

स्त्रोत :साहेबराव सोनवणे ,राजभाषा अधिकारी आकाशवाणी पुणे 
 

आकाशवाणी लखनऊ के से.नि.संगीत संयोजक श्री केवल कुमार सम्मानित।


आकाशवाणी लखनऊ के से.नि.संगीत संयोजक यश भारती पुरस्कार से सम्मानित श्री केवल कुमार का लखनऊ में "सुर ताल संगम"संस्था की ओर से सम्मान हुआ।श्री केवल कुमार की सक्रियता पर संगीत प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी है।

द्वारा सहयोग :- श्री. प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, लखनऊ।
darshgrandpa@gmail.com

Icon of India : Murphy Radio


A wooden box, a short, straight antenna on the top left and a picture of a chubby toddler with her finger placed near her lips with a quizzical smile – this is what Indian radio memories are made of. And the brand was Murphy Radio, one of the earliest radio brands in Indian homes.
The brand entered India around 1948, and was synonymous with the healthy and bonny baby featured in its ads. It is by far one of the most iconic product logos of the 20th century. One of the most popular compliments given to beautiful, healthy children was calling them a “Murphy baby”. Calendars and posters with the child’s face were frequently hung in gynecologist clinics, maternity homes, and barber shops.
In the 1960s-70s, Indians who had radio sets in their homes often boasted about it. A Murphy Radio set usually occupied pride of place in their homes, especially in their drawing rooms. It would be kept at a higher plane away from children’s reach. Many Indians would actually stitch an embroidered cloth cover for it. Families would play the popular radio programmes on high volume, attracting radio-less neighbours to stand outside and listen.
For collectors and connoisseurs, the vintage radio is still available on e-commerce sites like Amazon for Rs 35,000, which is six times the cost of the latest radios like Philips and Saregama Carvaan.

Source and Credit :- Shri. Mitul Kansal
kansalmitul@gmail.com

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