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Sunday, July 19, 2020

आकाशवाणी लखनऊ के वरिष्ठ संगीत संयोजक पं.विनोद कुमार चटर्जी को याद किया गया ।




आकाशवाणी लखनऊ के वरिष्ठतम गायक, गीतकार और संगीतकार आदरणीय पं. विनोद कुमार चटर्जी की छठवीं पुण्यतिथि उनके शिष्यों और चाहने वालों द्वारा आज श्रद्धा और स्मरण के साथ मनाई गई ।विनोद दा ने अपना सारा जीवन संगीत को समर्पित कर दिया था । नई पीढ़ी शायद उनके बारे में कम ही जानती है।........शायद उन्हें सुनी भी न हो।लेकिन वे उस दौर के कलाकार थे जब अपनी पहचान बना पाना बेहद मुश्किल हुआ करता था।वे फि़ल्मी दुनियां के आकर्षण से कुछ सालों के लिए मुम्बई भी गये ,कुछ फ़िल्मों में संगीत भी दिये लेकिन वहां की दुनिया उन्हें रास नहीं आई और लौट आए आकाशवाणी लखनऊ।विदुषी बेगम अख्तर की अनेक रिकार्डिंग उन्होंने आकाशवाणी लखनऊ के स्टूडियो में की थी।वे आकाशवाणी लखनऊ को वरिष्ठ संगीत संयोजक के रुप में अपनी सेवाएं रिटायरमेंट तक देते रहे और आजीवन संगीत की नई नस्ल तैयार करते रहे।

विनोद दादा के साथ इस ब्लॉग लेखक ने आकाशवाणी लखनऊ में काम करने का सौभाग्य पाया है। वे इतने उदार थे कि लेखक के रिटायरमेंट के अवसर पर वर्ष 2013में आयोजित एक समारोह में इस लेखक को सम्मान पत्र भी सौंपे थे जिसका चित्र अब भी सुरक्षित है।लेखक के पास ऐसे ढेर सारे प्रसंगों की गठरी है । उनकी तीन घंटों की आर्काइवल रिकार्डिंग भी आकाशवाणी के लिए की गई थी।श्री उर्मिल कुमार थपलियाल ने ढेर सारे अनजाने प्रसंगों को उसमें उजागर किया था।श्रोता सुनेंगे तो चौंक जाएंगे।मसलन,मीना कुमारी किसी ज़माने में विनोद दादा के काफ़ी क़रीब थीं और..उन दिनों स्ट्रगल कर रहे गबरु जवान धर्मेन्द्र को मीना कुमारी से मिलवाने वाले विनोद दा ही थे ।के.एल.सैगल की शिष्यता के लिए विनोद दा ने कितने पापड़ बेले थे..आदि। 

आकाशवाणी संग्रहालय में इन जैसे पुरोधाओं की रिकार्डिंग उपलब्ध है।

प्रसार भारती परिवार अपने इन पुरोधा को उनकी पुण्यतिथि पर उनको भरपूर आदर सहित नमन करता है।

द्वारा योगदान:- प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी,लखनऊ।ईमेल; darshgrandpa@gmail.com


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